नागेश तिवारी, तहसील प्रतिनिधि
रायबरेली/सलोन, 30 जुलाई
मानसून के बीच सलोन तहसील क्षेत्र में एक ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर वृक्षारोपण गतिविधियां तेज हुई हैं, वहीं दूसरी ओर धान की खेती में जुटे किसान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी और समय पर खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता जता रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में पौधरोपण, संरक्षण पर भी जोर
सलोन क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मानसून के अनुकूल मौसम को देखते हुए वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल परिसरों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाए गए। अभियान के दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया।पौधरोपण के साथ ही ग्रामीणों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करने की अपील की गई, ताकि पौधे केवल अभियान तक सीमित न रहें बल्कि आगे चलकर पेड़ का रूप ले सकें। स्थानीय स्तर पर पौधों की सिंचाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।
धान की खेती के बीच सिंचाई बनी किसानों की बड़ी जरूरत
दूसरी ओर सलोन तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की खेती कर रहे किसानों के लिए सिंचाई का पानी महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। किसानों की मांग है कि क्षेत्र की नहरों में पर्याप्त मात्रा में और समय पर पानी छोड़ा जाए, जिससे धान की फसल की सिंचाई प्रभावित न हो।
किसानों का कहना है कि मानसूनी बारिश के साथ नहरों से पर्याप्त पानी उपलब्ध होने पर फसल को काफी लाभ मिल सकता है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के वैकल्पिक साधन सीमित हैं, वहां नहरों पर निर्भर किसानों के लिए पानी की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता की मांग
सिंचाई के साथ खाद की उपलब्धता भी किसानों की प्रमुख चिंता है। किसानों ने सहकारी समितियों और निर्धारित बिक्री केंद्रों पर यूरिया तथा डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जरूरत के समय खाद के लिए उन्हें परेशान न होना पड़े।
किसानों की मांग है कि कृषि कार्य के महत्वपूर्ण समय में खाद की आपूर्ति नियमित रखी जाए और वितरण व्यवस्था पर निगरानी हो। धान की खेती के मौजूदा दौर में समय पर सिंचाई और आवश्यक खाद मिलने से फसल की बढ़वार और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
अगर देखा जाय तो कुल मिलाकर सलोन तहसील में मानसून के बीच पर्यावरण संरक्षण और खेती-किसानी दोनों प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। एक तरफ गांवों में पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ किसान नहरों में पर्याप्त पानी और खाद की निर्बाध उपलब्धता की उम्मीद लगाए हुए हैं।
India 24 News TV

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