चंद्रकिशोर जायसवाल, विशेष संवाददाता
महाराजगंज: शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित लुटेरी दुल्हन गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 39,500 रुपये नकद, एक जोड़ी चांदी की पायल और एक मंगलसूत्र भी बरामद किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है पकड़ी गई महिलाएं कुशीनगर और महराजगंज की रहने वाली हैं, जिनके विरुद्ध कई मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कार्यालय सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।
लुट करने वाली गिरोह ने एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र के लोधामई गांव निवासी रंजीत चौहान को निशाना बनाया। आरोपितों ने अंजलिका को पूजा नाम से अविवाहित बताकर विवाह तय कराया, जबकि वह पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां है। दो मई को सिन्दुरिया क्षेत्र स्थित मंदिर के पास शादी की रस्में शुरू कराई गईं। इस दौरान 10 हजार रुपये खाने-पीने, 90 हजार रुपये शादी कराने के नाम पर, 26 हजार रुपये मूल्य का मंगलसूत्र और एक जोड़ी पायल धोखे से ले ली गई। विरोध करने पर आरोपितों ने मारपीट की। इसी दौरान जितेंद्र अंजलिका को लेकर फरार हो गया और अन्य महिलाएं धमकी देते हुए भाग निकलीं।
मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी सिंदुरिया पुलिस ने चिउटहा बाजार (सिन्दुरिया रोड) के पास से चारों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपितों की पहचान लालती निवासी गौरी बढ़ैपूरवा थाना कोठीभार जनपद महराजगंज, सुमित्रा निवासी पिपरामाफी, काजल निवासी चकबन्दी दक्षिणी टोला और अंजलिका निवासी भेड़ियहवा टोला थाना कप्तानगंज, जिला कुशीनगर के रूप में हुई।
गिरोह ने एक बच्चे की मां को बताया था दुल्हन
जांच में सामने आया कि मास्टर माइंड लालती अपनी भाभी सुमित्रा, उसकी बेटी अंजलिका तथा अपनी बहन की बेटी काजल तथा एक जितेंद्र नाम के युवक के साथ मिलकर गिराेह चलाती थी। लालती, जितेंद्र के साथ मिलकर किसी भी युवक को शादी कराने का आश्वासन देती थी। इसके बाद अंजलिका को दुल्हन बनाकर दिखाया जाता था, जबकि काजल और सुमित्रा उसे तैयार करती थीं। शादी के दौरान योजनाबद्ध तरीके से विवाद खड़ा कर जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ में अब तक ऐसे चार मामलों की जानकारी मिली है। फरार आरोपित की तलाश जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जांच की जा रही है। जल्द सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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