सचिन मयेकर, रायगढ़ जिला संवाददाता
रायगढ़-महाराष्ट्र: रायगढ़ जिले में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेवदंडा पुलिस थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए खुद को उत्तर प्रदेश के लखनऊ ATS का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से करीब ₹27 लाख की ठगी कर ली।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के कारोबार में शामिल है और उसका संबंध बेलगांव बम विस्फोट मामले से है। साथ ही गिरफ्तारी, पूछताछ और मीडिया में बदनामी की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से पूरी तरह डरा दिया गया।
ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लगातार संपर्क में रखते हुए पीड़ित से उसकी संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी हासिल की। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि “आपके फिक्स डिपॉजिट के पैसे ब्लैक हैं या व्हाइट, इसकी जांच करनी होगी। सभी पैसे निकालकर हमारे बताए खातों में भेजिए।”
पीड़िता ने डर के कारण पीड़ित ने अपने बैंक के फिक्स डिपॉजिट तोड़ दिए और यहां तक कि गहने बेचकर भी करीब ₹27 लाख तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपी फरार हो गए और पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
मामले में रेवदंडा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (2) और 318 तथा आईटी एक्ट की धारा 66 (c) और 66 (d) के तहत केस दर्ज किया गया है। साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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