ब्लॉक संवाददाता
रामकोला (कुशीनगर)। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को रामकोला कस्बे में श्रम विभाग, पुलिस एवं चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक बिरयानी प्रतिष्ठान से बाल श्रमिक को मुक्त कराया।
संयुक्त टीम ने मेसर्स गोलू बिरयानी प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान पर एक बालक कार्य करते हुए मिला। टीम ने तत्काल उसे श्रम से मुक्त कराया तथा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसकी सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति, कुशीनगर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुक्त कराए गए बालक के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, ताकि उसे दोबारा बाल श्रम की स्थिति में न लौटना पड़े। वहीं प्रतिष्ठान के संचालक को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बच्चों से श्रम कराना दंडनीय अपराध: श्रम प्रवर्तन अधिकारी
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है। अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
संयुक्त अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक चन्द्रभूषण तथा चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि मानस, आदित्य एवं अभिषेक कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि जनपद में बाल श्रम के विरुद्ध इस प्रकार के संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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