चन्द्रकिशोर जायसवाल
इटावा-उत्तर प्रदेश: बच्ची से दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट ने एक को दोषी पाया और उसको उम्र कैद की सजा सुनाई। घटना तीन साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। बच्ची को बहलाकर अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया गया है कि कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाली एक किशोरी के पिता ने कोतवाली में बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी 25 मार्च 2025 की शाम को अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी विकास राठौर पुत्र मूल चंद्र उसे गुब्बारा दिलाने के बहाने बहला फुसलाकर अपने घर ले गया। घर में ले जाकर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद बच्ची रोती बिलखती घर पहुंची। पूछने पर घटना की जानकारी परिजनों को दी। पीड़ित बच्ची के पिता ने कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने छेड़छाड़ व पोक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना करके आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी व दशरथ सिंह चौहान ने पैरवी की। उनके पेश साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश विनीता विमल ने विकास राठौर को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की धनराशि को पीड़िता को देने का भी न्यायाधीश ने आदेश दिया।आर्म्स एक्ट में दोषी को चार माह दस दिन की सजाइटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आर्म्स एक्ट के ममाले में एक को चार महीने व 10 दिन की सजा सुनाई।डीजीसी शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने दो साल पपहले फईम उर्फ बिहारी निवासी गाड़ीपुरा को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसको जेल भेजा गया। पुलिस ने विवेचना करके उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी पाते हुए फईम को चार महीने दस दिन की सजा व दो हजार रुपए के अर्थदंड का आदेश दिया।
Post a Comment