₹11000000000 का 'गेम चेंजर प्रोजेक्ट', क्या भारत बेचने जा रहा है ईरान में अपना सबसे बड़ा निवेश; आखिर क्यों?

ईरान स्थित चाबहार पोर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
भारत, चाबहार बंदरगाह में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में- रिपोर्ट
ईरान में स्थित चाबहार पोर्ट में भारत ने 120 मिलियन डॉलर निवेश किया है।
चाबहार भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण।
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका (Iran-US War) के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद अब भारत, ईरान में अपने सबसे बड़े निवेश को बेचने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत चाबहार बंदरगाह परियोजना में अपनी हिस्सेदारी एक ईरानी कंपनी को बेचने की तैयारी कर रहा है, वह भी अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंधों से छूट की विस्तारित अवधि समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले। इस घटनाक्रम से वाकिफ एक अधिकारी ने बताया कि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) द्वारा इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल चाबहार फ्री जोन (IPGCFZ) में अपनी हिस्सेदारी एक स्थानीय ईरानी कंपनी को बेचने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
ईरान के रणनीतिक बंदरगाह पर भारत की गतिविधियां रविवार तक अमेरिकी प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली एक अंतरिम व्यवस्था पर विचार कर रही है जिसके तहत प्रतिबंधों के लागू रहने तक एक घरेलू ईरानी संस्था संचालन का प्रबंधन करेगी और यह आश्वासन दिया जाएगा कि प्रतिबंध हटने के बाद नियंत्रण वापस भारत को सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ईरान स्थित चाबहार पोर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
भारत, चाबहार बंदरगाह में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में- रिपोर्ट
ईरान में स्थित चाबहार पोर्ट में भारत ने 120 मिलियन डॉलर निवेश किया है।
चाबहार भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण।
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका (Iran-US War) के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद अब भारत, ईरान में अपने सबसे बड़े निवेश को बेचने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत चाबहार बंदरगाह परियोजना में अपनी हिस्सेदारी एक ईरानी कंपनी को बेचने की तैयारी कर रहा है, वह भी अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंधों से छूट की विस्तारित अवधि समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले। इस घटनाक्रम से वाकिफ एक अधिकारी ने बताया कि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) द्वारा इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल चाबहार फ्री जोन (IPGCFZ) में अपनी हिस्सेदारी एक स्थानीय ईरानी कंपनी को बेचने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
ईरान के रणनीतिक बंदरगाह पर भारत की गतिविधियां रविवार तक अमेरिकी प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली एक अंतरिम व्यवस्था पर विचार कर रही है जिसके तहत प्रतिबंधों के लागू रहने तक एक घरेलू ईरानी संस्था संचालन का प्रबंधन करेगी और यह आश्वासन दिया जाएगा कि प्रतिबंध हटने के बाद नियंत्रण वापस भारत को सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें
Post a Comment